Category: डायरी

मृत्यु

मृत्यु निश्चित है, मृत्यु का समय अनिश्चित । मृत्यु से भय है, मृत्यु का भय नहीं, यदि होता तो पाप कर ही नहीं सकते थे

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संत

दूसरों पर संकट आये, ताप से पिघलते हैं, अपने पर आये, तप से पकते हैं ।

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जाप

“ज” से जन्म मरण, “प” से पाप; जिससे इनका नाश हो, वह है जाप ।

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इच्छा और प्रेम

माँ से प्रेम या माँ से जो इच्छाओं की पूर्ति होती है, उनसे प्रेम ? भगवान से प्रेम या भगवान के लिये बनवाये मंदिर से

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पुण्य/पाप फल

पुण्य का Short term फल – संतुष्टि, Long term में – वैभवादि, सुखानुभूति । पाप का Short term फल – संताप, Long term में –

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चिंता / चिंतन

चिंता संसारी, चिंतन उपकारी, चिंता समाप्त होने पर चिंतन, या कहें – चिंतन से चिंता समाप्त होती है ।

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करुणा-दान

पात्र को देखकर करने का भाव उमड़ पड़े, ऐसे दान को करुणा-दान कहते हैं ।

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मंगल आशीष

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