Category: डायरी
धर्म का फल
January 20, 2017
धर्म से जीवन में उतार चढ़ाव तो नहीं रुक सकते, पर उनमें अपने को स्थिर रख सकते हैं ।
सावधानी
January 19, 2017
अकेले में भावों को संभालें, दुकेले में वचनों को, समाज में क्रियायों को संभालें । (शशि)
अहंकार / निंदा
January 15, 2017
अहंकार से ऊँचा कोई “आसमान” नहीं, किसी की निंदा करने जैसा कोई “आसान” काम नहीं । (ललित)
धार्मिक क्रियायें
January 13, 2017
धार्मिक क्रियायें धर्म कैसे ? अहिंसा/वीतरागता धर्म है । पर इनको पाने के लिये, की गई क्रियायें भी धर्म हैं ।
अंतिम विदा
January 12, 2017
शांता बहन के अंतिम विदा के समय लिखा था… “यहाँ तक लाने के लिये धन्यवाद, अब आगे का सफ़र हम खुद तय करेंगे” ।
संसार
January 9, 2017
संसार मुझ से नहीं चल रहा है, सबसे चल रहा है । मेरे कम होते ही उस जगह को भरने, दूसरा आ जायेगा ।
श्रद्धा / श्रद्धेय
January 8, 2017
श्रद्धा मानने का विषय, श्रद्धेय जानने का । दोनों सच्चे हों, तो अदभुत परिणाम ।
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