Category: वचनामृत – अन्य

धर्म की सीख

धर्म गले लगाकर सिखाया जाता है, ठुकराकर नहीं । मुनि श्री प्रमाणसागर जी

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तर्क/कुतर्क

तथ्य को समझने के लिये जो संवाद होते हैं, वे तर्क हैं । तथ्य को काटने वाले संवाद कुतर्क हैं । मुनि श्री प्रमाणसागर जी

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रक्षाबंधन

संसार के हर खेल और कार्य में कुछ नियम/बंधन होते हैं, बंधन के बिना जीवन चलता नहीं है । अपने को बंधन में रखना उत्तम

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स्वतंत्रता दिवस

बच्चों के हाथ से ज़हर हटा दिया तो क्या उनको मरण से आजाद कर दिया ? यदि ज़हर की जगह हथेली पर स्मैक रख दिया

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कर्मोदय

गांधी जी एक गाल पर थप्पड़ खाने के बाद दूसरा गाल इसीलिये आगे कर देते थे, क्योंकि वे जानना चाहते थे कि मेरे पाप का

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आत्मकल्याण

आत्मकल्याण से पहले जरूरी है – जीवकल्याण तथा संस्कृति कल्याण । आचार्य श्री विनिश्चयसागर जी

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खुशी

दूसरों को खुश रखने के चक्कर में हम अपनी खुशियाँ बर्बाद कर रहे हैं । आर्यिका श्री पूर्णमति माताजी

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शक्ति

राक्षस प्रवृति/शक्ति रात्रि में बढ़ जाती है ( जैसे उल्लू आदि हिंसक पशुओं की) । सज्जन लोगों की दिन में बढ़ती है । मुनि श्री

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सूर्य का महत्व

सूर्य को सबसे ज्यादा महत्व वे लोग देते हैं, जो सूर्य के निकलने पर ही खाना पीना शुरू करते हैं और अस्त होने पर बंद

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नियम

निष्ठा से लें, द्रढ़ता से निभाऐं । मुनि श्री प्रमाणसागर जी

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मंगल आशीष

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