उत्कृष्टता की तीन श्रेणी* ——> 10, 16, 25% दान देने वाले।
निकृष्टता की भी तीन श्रेणी** –> 90, 84, 75% समय/ ध्यान (भगवान/ गुरु/ शास्त्र को छोड़कर) दूसरों पर लगाने वाले।

चिंतन

* बढ़ते हुए क्रम में।
** घटते हुए क्रम में।

Tel Aviv University Israel की Study के अनुसार पौधे Ultrasonic frequency में कीड़ों से Interact करते हैं। पानी की कमी/ उखाड़े जाने पर ये आवाज़ एक मीटर तक Detect की गयी है तथा उनकी आकृति/ रंग भी बदल जाता है।

NDTV- News

आचार्य श्री विद्यासागर जी को बताया –> आप सुबह 3-4 बजे से लेकर रात तक इतनी मेहनत करते हैं, एक गिलास दूध ले लिया करिए, हम भी मेहनत करने के बाद एक गिलास दूध लेते हैं।
आ. श्री –> मैं भी लेता हूँ। तुम एक “गिलास” लेते हो, मैं अनेक “क्लास” लेता हूँ।

आर्यिका श्री पूर्णमति माताजी

टीवी आदि के निमित्त से धर्म खूब हो रहा है,
तो धर्म का ह्रास कैसे और क्यों कहा ?
जितनी धार्मिक क्रियायें हो रही हैं,
उनसे बहुत ज्यादा पाप क्रियायें हो रही हैं।

मुनि श्री प्रमाणसागर जी

हम धनादि/ पुत्रादि से ज्यादा अपने को चाहते हैं। जैसे दर्पण को नहीं, उसमें अपने को देखते हैं, दर्पण को तो निमित्त बना लेते हैं।

क्षु. सहजानन्द जी

अहंकार…
राजा भोज के दरबार में एक ज्ञानी ने कोरे कागज़ पर बिना कुछ लिखे बताया कि इस कागज़ पर एक सुंदर कविता लिखी है।
पर दिखेगी उसी को जो पवित्र होगा।
सबने कहा बहुत सुंदर-बहुत सुंदर।

क्षु. सहजानंद जी

पौधे कम खाद देने पर कम मरते हैं, ज्यादा खाद देने पर ज्यादा।
शरीर/ संसार के लिये Excess ज्यादा हानिकारक है।

मुनि श्री मंगलानन्द सागर जी

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