गाना जल्दी जल्दी गाओ तो आनंद नहीं आता ।
भक्ति का प्रभाव इसलिये नहीं हो रहा क्योंकि हम जल्दी-जल्दी निपटा रहे हैं, भाव सहित नहीं कर रहे हैं ।

बच्चे रेत में बड़ी मेहनत से घरौंदे बनाते हैं, उन्हें प्रेम भी करते हैं, किसी को छूने भी नहीं देते हैं; पर चलते समय ख़ुद ही उसे तोड़कर हँसते हुये चले जाते हैं ।

साधुजन साहूकारों जैसी निद्रा लेते हैं – अल्प और जागरूक ।
साहूकार अपनी निधि की रक्षा हेतु जागरुक रहता है,
साधु आत्मरूपी अमूल्य निधि की रक्षा हेतु ।

रत्नत्रय – 3

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April 8, 2022

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