धार्मिक क्रियायें धर्म कैसे ?

अहिंसा/वीतरागता धर्म है ।
पर इनको पाने के लिये, की गई क्रियायें भी धर्म हैं ।

व्यथा में सुख की नहीं, शान्ति की तलाश रहती है ।
सुख की खोज तो अंतहीन है (जैसे ही व्यथा समाप्त हुई, फिर से सुख की खोज में लग जाते हैं) ।

क्षु. श्री ध्यानसागर जी

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April 8, 2022

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