No matter how many times the teeth bites the tongue, they still stay together in one mouth. That is the spirit of FORGIVENESS.

Even though the two eyes don’t see each other, they see things together, blink simultaneously and cry together. That is UNITY.

(Pranjal)

दुख में
स्वयं की
एक उँगली ही
आँसू पोंछती है,

और
सुख में
दसों उँगलियाँ
ताली बजाती हैं ।

जब
अपना
शरीर ही
ऐसा करता है,

तो
दुनिया का
गिला शिकवा
क्या करना !!

(अभिषेक-देहली)

एक शैतान ने एक बुज़ुर्ग से कहा तुम्हें ईश्वर पर बहुत विश्वास है ?
तो एक काम करो,
एक ऊँचे पहाड़ से छलांग लगा कर बताओ,
यदि तुम्हारा ईश्वर तुम्हारी रक्षा कर ले तभी मानूँगा कि ईश्वर है ।
बुज़ुर्ग व्यक्ति ने मुस्कुराकर जवाब दिया…..
यह ईश्वर का काम है कि वह मुझे आज़माए,
मेरा काम नहीं कि मैं ईश्वर को आज़माऊँ ।
दूसरा,
मैं भगवान की बात मानता हूँ,
शैतान की नहीं ।


संसार में दो प्रकार के वृक्ष हैं….

प्रथम ???? अपना फल अपने आप दे देते हैं – उदाहरण :- आम, अमरुद, केला इत्यादि …
द्वितीय ???? अपना फल छिपाकर रखते हैं -उदाहरण :- आलू, अदरक, प्याज़, इत्यादि ..

जो अपना फल अपने आप दे देते हैं उन वृक्षों को सभी सुरक्षित रखते हैं किन्तु जो अपना फल छिपाकर रखते है, वे जड़ सहित खोद लिए जाते हैं।

ठीक इसी प्रकार जो अपनी विद्या, धन, शक्ति स्वयं ही समाज सेवा में दे देते हैं, सभी उनका ध्यान रखते हैं । वहीं दूसरी ओर जो अपनी विद्या, धन, शक्ति स्वार्थवश छिपाकर रखते हैं, वे समय रहते ही भुला दिये जाते हैं ।

(रजनी)

हम सब को बहुत सी रहमतें बख्शी जिसमें से तीन ये हैं :

1. अनाज में कीड़े पैदा कर दिए ,
वरना लोग इसे सोने और चाँदी की तरह जमा करते

2. मरने के बाद जिस्म में बदबू पैदा की ,
वरना कोई अपने प्यारों को जलाता या दफ़न नहीं करता

3. मुसीबत के बाद सब्र और सुकून दिया व भूलने की आदत,
वरना ज़िंदगी कभी ख़ुशगवार ना होती।

(नमिता-सूरत)

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