“दरिया” बन कर किसी को डुबाना बहुत आसान है,
मगर “जरिया” बनकर किसी को बचायें तो कोई बात बने ।

संसार में सुख, दर्पण में मुख होता नहीं, दिखता है ।
साधनों में नहीं साधना से, साध्य को पाने में मिलता है ।

आर्यिका श्री सौम्यमति माताजी

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April 8, 2022

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