घर में साधु प्रवृत्ति वाले का पुण्य, घरवालों को मिलता है ?

यदि वे साधुता की अनुमोदना (सेवा आदि) करें तो ।

भावों को दर्शाने का माध्यम और सबसे अच्छी अभिव्यक्ति मातृभाषा में ही हो सकती है ।

आचार्य श्री विद्यासागर जी

मत शिक्षा दो इन बच्चों को आसमान छू लेने की,
चाँद सितारे छूने वाले छूमंतर हो जाते हैं ।

अगर दे सको, शिक्षा दो तुम,
इन्हें चरण छू लेने की ।
जो मिट्टी से जुड़े रहेंगे,
रिश्ते वही निभायेंगे ।

(अपूर्व श्री)

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April 8, 2022

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