शरीर पूरा पवित्र नहीं हो सकता, फिर भी हम उसे पवित्र करने में लगे रहते हैं।
मन पवित्र हो सकता है, पर उसकी ओर हमारा ध्यान ही नहीं जाता ।

(ब्र. संजय)

Archives

Archives
Recent Comments

April 8, 2022

September 2026
M T W T F S S
 123456
78910111213
14151617181920
21222324252627
282930