मोक्ष का मार्ग तो बिलकुल सीधा है,
इसीलिए टेड़ी चाल वाले इस मार्ग पर नहीं चल पाते ।

(दिव्या-लंदन)

3-4 उपवास के बाद भी उल्टी में साबुत चावल निकलते देखे जाते हैं ।
पुराने पुण्य/पाप यदि पच न पायें, तो अगले जन्मों में फल देते हैं ।

मुनि श्री कुंथुसागर जी

दो दिनों से भूचाल का कहर देख रहे हैं, पीड़ितों के प्रति सद्भावना तथा उनकी सहायता करें,
विचारें – भूमि अपना स्वभाव छोड़कर जब चलने लगती है तब कैसा विध्वंस होता है !
हम अपना धार्मिक स्वभाव छोड़ कर चलेंगे तो हमारे जीवन का विध्वंस नहीं होगा ??

चिंतन

कचरे की गाड़ी निकलने पर कोई ऐतराज नहीं करता,
पर ऊपर वाले का जलूस निकलने पर, नीचे वाले लोग, एक दूसरे का विरोध करते हैं ।

मुनि श्री पुलकसागर जी

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