कचरे की गाड़ी निकलने पर कोई ऐतराज नहीं करता,
पर ऊपर वाले का जलूस निकलने पर, नीचे वाले लोग, एक दूसरे का विरोध करते हैं ।

मुनि श्री पुलकसागर जी

कटु शब्दों को एक कान से सुनकर दूसरे से निकाल दें।
प्रशंसा के लिये दोनों कान बंद कर लें।
धर्म-चर्चा के लिये दोनों खुले रक्खें ।

(सुरेश भाई के कथन पर आधारित चिंतन)

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April 8, 2022

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