संबंध
नदी/ सूरज हमसे संबंध बनाते नहीं, हम आगे बढ़कर बनाते हैं, प्यास बुझाने/ ताप लेने।
भगवान/ गुरु से हमें ही Connect होना होगा।
निर्यापक मुनि श्री सुधासागर जी
नदी/ सूरज हमसे संबंध बनाते नहीं, हम आगे बढ़कर बनाते हैं, प्यास बुझाने/ ताप लेने।
भगवान/ गुरु से हमें ही Connect होना होगा।
निर्यापक मुनि श्री सुधासागर जी
One Response
सम्बन्ध को परिभाषित किया गया है वह पूर्ण सत्य है। जीवन के कल्याण हेतु अपने सम्बन्ध को दुध एवं पानी की तरह होना परम आवश्यक है।दूध एवं पानी आपस में मिल जाते हैं। इसके अतिरिक्त सम्बन्ध के लिए भगवान् एवं गुरुजनों के सम्पर्क रहना चाहिए।