It is not only fine feathers that make fine birds.
(पंखों में शक्ति/ अभ्यास/ ऊँचाई तथा दूर तक उड़ने की निडरता महत्वपूर्ण होती है)
दुर्जनों के साथ मैत्री या बैर कुछ भी नहीं करना चाहिए ,
कोयला जलता हुआ है तो स्पर्श करने पर जला देता है
और
ठंडा है तो हाथ काले कर देता है ।
( सुरेश )
चौराहे पर खड़ी ज़िंदगी,
नज़रें दौड़ाती है… ????
काश कोई बोर्ड दिख जाए,
जिस पर लिखा हो… ✍????⏬
“सुकून”..
“0” कि.मी.
(धर्मेन्द्र)
In a company/home the supervisor/mother is the person the employee/child sees as the… “Company”
स्वाभिमान से विनम्रता बढ़ती है, अभिमान में घटती है ।
स्वाभिमान में दोनों हाथ पीछे से आगे लाना है (पीछे वालों को साथ लेकर चलना), अभिमान में आगे से पीछे (सबको पीछे करके आगे बढ़ना) ।
मुनि श्री सुधासागर जी
कहते हैं – उतने पैर पसारिये, जितनी चादर होय, वरना मच्छर काटेंगे ।
तो क्या भाग्य के भरोसे पैर सिकोड़कर ही पड़े रहें ?
नहीं, चादर को लंबा करने का पुरुषार्थ करने से किसने मना किया !
Nature/luck provides the wind,
but man must raise the sails.
Be like a camel,
always competing for scarce* resources in a harsh climate.
* Barely / दुर्लभ / अपर्याप्त
(आज के कठिन समय में, हमारे लिए दुर्लभ है “धर्म”)
2 प्रकार की –
अधिकृत – गुरु, माता/पिता द्वारा – वांछ्नीय
अनाधिकृत – जिन पर अधिकार नहीं है, उनकी जैसे पड़ौसी की – अवांछनीय
मुनि श्री सुधासागर जी
May I request you that instead of making _”April Fool”_ on 1st April, plant at least one tree and make _”April Cool”_!
This small campaign of your’s may help making this earth *Cool* ????
(Asheesh Mani-USA)
एक बार गांधी जी General Class में यात्रा कर रहे थे ।
एक गाँव वाला आया और गांधी जी को धक्का मार कर बैठ गया और गाँधी-बाबा का भजन गाने लगा ।
हम भी आत्मा आत्मा का नाम रटते रहते हैं पर अज्ञानतावश आत्मा को पहचानते नहीं ।
भक्ति अंजुरी
आदिनाथ भगवान का जन्मदिन श्रावकों के लिए विशेष महत्व का है । क्योंकि उन्होंने ही सर्वप्रथम जीवन चलाने की पद्धति (खेती, व्यापार, कला, रक्षा आदि) सिखाई थी ।
बलवान निमित्त का कर्तव्य है कि वह कमज़ोर निमित्त को झूठ बोलने के लिये मज़बूर ना करे ।
जैसे उधारी वापस ना कर पाने वाले के सामने न पड़े ।
ब्र.नीलेश भय्या
सुख,
व्यक्ति के अहंकार की परीक्षा लेता है,
जब कि…
दुःख,
व्यक्ति के धैर्य की ।
दोनों परीक्षाओं में उत्तीर्ण व्यक्ति का जीवन ही सफल जीवन है !
???? जय जिनेन्द्र देव की ????
???????? सुरेश ????????????
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