Category: डायरी

भगवान का अस्तित्व

नास्तिक ने कहा जब भगवान एक रूप नहीं है इससे सिद्ध होता है कि भगवान का अस्तित्व होता ही नहीं है। गुरु… सबके अपने अपने

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दान

एक घर से बहू लाये, दूसरे घर में बेटी दी। लगाव किसकी तरफ ज्यादा ? दूसरे की तरफ, जहां बेटी दी थी। कारण ? जहाँ

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बदलाव

सुकून भी ढूँढना पड़े तो इससे बड़ा और कोई दर्द नहीं…! यदि तुम में खुद को बदलने की हिम्मत नहीं, तो तुम्हें भगवान या किस्मत

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स्व / पर

दो प्रकार के लोग → 1. स्वस्थानिक – जो अपनी आत्मा में रहते हैं। बड़ों से पूछो → कहाँ रहते हो ? जबाब – ग्वालियर,

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पुण्योदय में पाप

पापोदय में पाप करते हैं यह तो समझ में आता है पर पुण्योदय में भी पाप करते हैं इसका क्या कारण ? सुभाष – महगांव

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अति योजना

दूर बुद्धि* भी एक प्रकार की दुर्बुद्धि है। * बहुत ज्यादा और बहुत दूर की प्लानिंग करना। – ब्र डॉ नीलेश भैया जी

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सकारात्मक सोच

संसार की बनावट है कि अभाव और उपलब्धि साथ-साथ चलती हैं। एक खरगोश किसान के खेत से रोज गाजर खाता था। बाड़ लगाने पर रोज

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चेतना / शरीर

हम सब उत्पाद हैं, चेतना + पदार्थ (शरीर) के। चेतना, विचारपन देती है/ चाहना बढ़ाती है, गणित लगाती है, दुःख की निमित्त(कारण) है*। पदार्थ… विस्तारपना

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महिलाओं को नौकरी

क्या महिलाओं को नौकरी करनी चाहिए ? (यदि इमरजेंसी हो तो) चाकरी को अधम कहा गया है। नौकरी में पराधीनता है जबकि सुख स्वाधीनता में

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देव दर्शन

भगवान की मूर्ति के दर्शन पहले खुली आँखों से करें, उनके रूप को अपने अंतस् में भर लें। फिर आँख बंद करके उस रूप का

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मंगल आशीष

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