Category: डायरी
दूसरे
दर्शनज्ञ सार्त्र ने कहा → “दूसरा(पर) नरक है।” उनके शिष्य ने कहा → इससे तो हम दूसरों का अस्तित्व हीन कर रहे हैं ? सो
कर्मों को धोना
आचार्य श्री विद्यासागर जी ने कहा था… यदि तुम प्रभु के पीछे-पीछे हो लोगे, हो लोगे तो निश्चित ही अपने पाप कर्म को धो लोगे,
Reality
(Renu- Naya Bazar Gwalior) (Sand Time Clock में समय पूर्ण होने पर पूरी रेत ऊपर से नीचे गिर कर जाती है। हमारे जीवन में वैभव
मोह
श्वेताम्बर परम्परानुसार महावीर स्वामी जब संन्यास लेने लगे तब उनकी पुत्री ने रोका। बच्ची को समझाने महावीर स्वामी ने कह दिया → मैं जल्दी लौट
मोक्षमार्ग
आचार्य श्री विद्यासागर जी से पूछा मोक्षमार्ग कैसा है ? आचार्य श्री… मोक्षमार्ग टेढ़ा-मेढ़ा है। फिर मोक्ष जाने के लिए कौन सा मार्ग पकड़ें ?
वृद्धावस्था में धर्म
आँखों में पड़ेगा जाला, नाकों से बहेगा नाला, लाठी से पड़ेगा पाला, कानों में पड़ेगा ताला। तब तू क्या करेगा लाला ? आर्यिका श्री पूर्णमति
दु:ख में भगवान
यदि दु:ख में भगवान याद आते हैं तो इसमें अचरज क्या ! चकोर को भी चंद्रमा अंधेरी रात में ही अच्छा लगता है। स्वाध्याय सान्निध्य
ध्यानस्थ
ध्यानस्थ… भौंरे को फूल पर गुनगुनाते समय पराग का स्वाद नहीं आता। जब स्वाद लेता है तब गुनगुनाता नहीं। ब्र. प्रदीप पियूष हम भी गृहस्थी
राग-द्वेष
हर केंद्र की परिधि होती है। और हमारी ? परिधि वृत्ताकार होती है, किन्तु हम डर कर या रागवश एक दिशा के क्षेत्र को सिकोड़
बड़ा
अभिमान में-> मैं बड़ा – मैं बड़ा। मायाचारी में-> तू बड़ा – तू बड़ा। लक्ष्य……….-> बड़ा मानना। आर्यिका श्री पूर्णमति माता जी (9 दिसम्बर)
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