‘8’ का आधा कितना ?
‘4’
और ?
अनेकांत लगाओ तो ‘3’ (यदि Vertical आधा करो) ।
‘0″ (यदि Horizontal आधा करो तो) ।

आलाप –

  • कथन पद्धति
  • कम ना ज्यादा
  • कथन की स्पष्टता

वार्तालाप –

  • वार्तालाप में कोई सिद्धांत नहीं
  • आपस में आम बातचीत

आ. श्री विद्यासागर जी

“आ” से आनंद,
“श” से शिव/मुक्ति ।
“व” से विशुद्ध,
“द” से दया ।।

आशीर्वाद से नकारात्मता कम होती है, सकारात्मकता और आत्मविश्वास बढ़ता है ।

मुनि श्री प्रमाणसागर जी

फूंक मार कर दिये को बुझा सकते हैं.!
किन्तु…
अगरबत्ती को नहीं…
क्योंकि
जो ख़ुद को जलाकर दूसरों को सुगंध का अनुभव कराता हो, उसे कोई बुझा नहीं सकता…!!

(मंजू)

एक राज्य में राजा अल्पायु ही होते थे ।
राजा के पूछने पर गुरु ने कहा कि जब वो हरा पेड़ सूख जायेगा तब बताऊंगा ।
15 दिन में वह पेड़ सूख गया ।

कारण !
राजा ने भावना भायी थी कि जल्दी सूखे ।

गुरु – राजन! तुम्हारे भावना भाने से हरा-भरा पेड़ सूख गया। ऐसे ही प्रजा तुम्हारे बारे में बुरी भावना रखती है, इसलिये राजा अल्पायु होते हैं ।

मुनि श्री प्रमाणसागर जी

हम इतना समझाते हैं पर कोई भी समझता क्यों नहीं ?
चोर चोर की समझता नहीं है ।

आचार्य श्री विद्यासागर जी

बड़ों की आशिका अपनी ओर लें, ताकि उनके गुण/ज्योति हममें भी आयें,
छोटों (दुल्हे आदि) की अपनी ओर से उनकी ओर करते हैं, ताकि हमारी ऊर्जा उनको मिले ।

मुनि श्री सुधासागर जी

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