धार्मिक क्रियाओं से तृप्ति मिलती है ।
भोग विलास से अतृप्ति, पर ये अतृप्ति अज्ञानियों के लिये फिर फिर आकर्षण का कारण बन जाती है ।

चिंतन

क्या आपके पुण्य का सम्बंध, आपके प्रियजन के जाने से है ?
नहीं, तो उसे पुण्य-तिथि क्यों कहते हो !!
इसे वैराग्य तिथि मानें (संसार की नश्वरता का ध्यान रखते हुये)

Archives

Archives

April 8, 2022

September 2026
M T W T F S S
 123456
78910111213
14151617181920
21222324252627
282930