किसी से अपने जैसे होने की
उम्मीद मत रखिये,
क्योंकि आप अपने सीधे हाथ में किसी का सीधा हाथ पकड़ कर कभी नहीं चल सकते ।

किसी के साथ चलने के लिए
अपने सीधे हाथ में उसका उल्टा
हाथ ही पकड़ना पड़ता है,
तभी साथ चला जा सकता है ।

(आर.के.गुप्ता)

व्यक्ति सोते से घबराकर उठा – “मेरे पेट पर से एक चूहा निकला”
मित्र – पर इसमें घबराने की क्या बात है ?
चूहा ही तो था !!
चूहे ने रास्ता बता दिया है । अभी चूहा निकला है, कल को हाथी निकलेगा ।

सत्य की भूख तो सबको होती ही है.
पर..
जब सत्य परोसा जाता है तो बहुत कम
लोगो को उसका स्वाद पसंद आता है।

यदि हमने अपने जीवन में सत्य-ज्योति हासिल कर ली है तो हमारा दायित्व है,कि हम उस पर संयम की एक चिमनी भी रख दें जिससे वह सच्चाई की ज्योति कभी बुझ नहीं पाए ।

– मुनि श्री क्षमासागरजी”

पाप(करना पड़े तो) ऐसे करें जैसे कड़वी दवाई खायी जाती है,
पुण्य जैसे मिठाई खाते हैं ।

पाप का फल मिठाई की तरह खाकर समाप्त करें,
पुण्य का फल कड़वी दवा जैसा ।

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April 8, 2022

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