No Candle looses it’s light while lighting another candle.

(Mrs.Happy)

(जलाते समय और तेजी से प्रकाशित होने लगती है)

ब्र. चेतन भैया (अब मुनि श्री प्रणीतसागर जी) दीक्षा लेने से पहले बता रहे थे –
आचार्य श्री विशुद्धसागर जी महाराज कहते हैं –
“पंचम काल में मुनि श्री क्षमासागर जी का णमोकार भी सर्वांग से निकलता हुआ लगता है “

व्रत की गाड़ी एक बार खरीदी जाती है पर पैट्रोल डालते रहना होगा/Maintenance लगातार करनी पड़ेगी,
गुरुवचन/संगति आवश्यक रहेगी ।

आचार्य श्री विद्यासागर जी

अपने बच्चों को उत्तम कुल/लौकिक पढ़ाई/वैभव रूपी वाण तो दिये हैं पर संस्कार रूपी धनुष नहीं दिया।
वे संसार का युद्ध कैसे जीत पायेंगे ?

मुनि श्री कुंथुसागर जी

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April 8, 2022

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