धर्म शुरु में काँटों* से बचने को कहता है।
आगे चलकर फूलों** से भी।
चिंतन
*अशुभ से।
**शुभ/ सुख-सुविधा।
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4 Responses
धर्मात्मा को परिभाषित किया गया है वह पूर्ण सत्य है। धर्मात्मा को पापों से बचना परम आवश्यकता है। अतः जीवन को पुण्यमय बनाने का प़यास करना परम आवश्यकता है।
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धर्मात्मा को परिभाषित किया गया है वह पूर्ण सत्य है। धर्मात्मा को पापों से बचना परम आवश्यकता है। अतः जीवन को पुण्यमय बनाने का प़यास करना परम आवश्यकता है।
Yahan par ‘काँटों’ aur ‘फूलों’ ka symbolic meaning clarify karenge, please ?
*अशुभ से।
**शुभ/ सुख-सुविधा।
टेक्निकल कुछ प्रॉब्लम थी, नीचे एस्टरिस्क का क्लेरिफिकेशन था, वह रह गया था, अब डाल दिया है।
Okay.