कर्मफल
मौसमी के 6-7 फ़ीट के पेड़ पर हज़ारों फूल लगे। बाद में सैकड़ों छोटी-छोटी मौसमी की गाँठें सी बन गयीं।
चिंता हुई कि ये छोटा सा पेड़ इतनी मौसमियों का बोझ झेल कैसे पायेगा!
3 सप्ताह बाद कुण्डलपुर यात्रा से लौटा, तो देखा, सिर्फ़ 15-20 मौसमी बढ़ रही हैं।
गुरुवर श्री क्षमासागर जी कहते थे, “तुम्हारे कर्म तो बौर जैसे हैं; बहुत हैं। यदि सब एक साथ फलित हो जायें, तो तुम्हारा पाउडर भी नहीं बचेगा!”
पुण्य-क्रियाओं से पाप-प्रकृतियाँ झड़ जाती हैं या/और कम हो जाती हैं।
चिंतन



