Category: डायरी
जिंदा
January 15, 2026
हम शरीर से ही पूरे जिंदा दिखते हैं। मन से आधे (क्योंकि कोई भी हमारा मन तोड़ जाता है)। आत्मा से तो हम पूरे ही
संसार
January 13, 2026
कत्ती* सूत भिगोकर लाई, बनिया ने मारी बट्टी**। बनिया कहे मैंने कत्ती लूटी, कत्ती कहे मैंने बनिया। प्रभात जैन की दादी जी * चरखे पर
आश्रम
January 12, 2026
राग से निवृत्ति के लिये ——–> वानप्रस्थ आश्रम। वीतरागता में प्रवृत्ति के लिये –> व्रती आश्रम।
सुख-दु:ख / आदत
January 11, 2026
सुख-दु:ख तथा आदत में क्या संबंध है ? गरीब को महल में नींद नहीं दुखी, अमीर झोंपड़ी में नींद नहीं तो दुखी। ब्र. डॉ. नीलेश
छोड़ना
January 3, 2026
भगवान महावीर से पूछा…छोड़ा क्या ? वह जो मेरा था ही नहीं। घर का आसान पता है कि घर है ही नहीं। ब्र. डॉ. नीलेश
मंदिर
December 27, 2025
जब कण-कण में भगवान है तो मंदिर जाना क्यों ? हवा तो धूप में भी पर उसका आनंद छाँव में ही क्यों / कार में
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