Category: डायरी

अंतरंग

जब तक सर्प पिटारे के अंदर रहता है उसकी पूजा होती है, बाहर आने पर पिटायी। मनुष्य जब तक अपने में रहता है, लोगों का

Read More »

खुशनसीब

खुशनसीब वह नहीं जिसका नसीब अच्छा है बल्कि वह जो अपने नसीब को अच्छा मानता है। (महेन्द्र – नयाबाज़ार मंदिर)

Read More »

परिग्रह

संग्रह गृहस्थ के लिए आवश्यक है लेकिन उसे संग्रह के प्रति यदि मूर्छा आ जाती है तो वह परिग्रह का रूप धारण कर लेती है।

Read More »

उत्साह

एक आदमी मरा 35 साल में (उत्साह मर गया), दफनाया गया 70 साल पर (आयु पूर्ण होने पर)। ब्र. डॉ. नीलेश भैया

Read More »

आचरण

मन और पानी का एकसा स्वभाव होता है… जिन परिस्थितियों/ बर्तन में जाता है इसी का आकार ग्रहण कर लेता है। दूसरा… जहाँ ढलान मिल

Read More »

बनावटी जीवन

बनावटी जीवन की पोल तब खुल जाती है जब उसकी सबसे ज्यादा ज़रूरत होती है। मुनि श्री सौम्य सागर जी (प्रवचन – 1 अक्टूबर) (जैसे

Read More »

दावा

हर व्यक्ति अलग-अलग दावे करते हैं जैसे “मैं पुत्र हूँ”। तब वैसी ही क्रिया शुरू हो जाती है। कभी मैं “भगवान हूँ”, ऐसा दावा क्यों

Read More »

दृढ़ता

आज के ही दिन जब अपना देश रात को 12:00 बजे आज़ाद हो रहा था, उस समय महात्मा गांधी जी सो रहे थे। उनका 9:00

Read More »

स्वतंत्रता सेनानी

श्री मोती चंद्र शाह (श्री बाल गंगाधर तिलक के साथ में) स्वतंत्रता संग्रामी थे। किसी व्यक्ति ने एक अंग्रेज को गोली मार दी। श्री शाह

Read More »

दान

दान देकर जो खुद ही अपने दान की बार-बार अनुमोदना करते हैं, उनको अतिरिक्त पुण्य मिलता है। यदि दान देकर दुखी हुए तो अर्जित पुण्य

Read More »

मंगल आशीष

Archives

Archives
Recent Comments

November 12, 2025

August 2026
M T W T F S S
 12
3456789
10111213141516
17181920212223
24252627282930
31