Category: डायरी

आ अब लौट चलें

सूरज नित्य लौटता है इसलिये नित्य पूर्ण तेजस्विता/ सुंदरता से फिर-फिर आता है। अभिमन्यु लौटना नहीं जानता था/ लौट नहीं पाया, सो अंत को प्राप्त

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विनम्रता

पंछियों को ऊपर उठने के लिये पंखों की ज़रूरत होती है; मनुष्य को विनम्रता की, जितनी-जितनी विनम्रता बढ़ेगी, उतना-उतना वह ऊपर उठेगा। (एन.सी.जैन)

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आनंद / भय

100 लोगों को सुगंधित पुलाव दिया गया। शैफ ने कहा चावल जैसा एक कंकड़ रह गया है। 1 व्यक्ति को छोड़कर सब डरे-डरे/सावधानीपूर्वक खाते रहे।

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मोटीवेशन

दुनिया का सबसे सस्ता और अच्छा मोटीवेशन…. दूसरों के उत्कृष्ट कार्यों की दिल से प्रशंसा करना। (अनुपम चौधरी)

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शाकाहारी जीव

शाकाहारी जीवों को कैसे पहचानेंगे ? 1. शाकाहारी जीवों की आँखें गोल न होकर लम्बाई लिये होती हैं। 2. नाखून नुकीले नहीं होते, चौड़े/ चपटे

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परोपकार

गरीब शिक्षक दूर स्कूल पैदल जाता था। कभी कोई अपने वाहन में बैठा लेता। कुछ दिनों बाद उसने मोटर साइकिल खरीद ली। अब वह सबको

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भक्ति

मेरा तो क्या है ! मैं तो पहले से हारा, तुझ से ही पूछेगा यह संसार सारा… डूब गयी क्यों नैया तेरे रहते खेवनहार !!

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मौन

मौन हो जाने पर सही से सुनाई भी देता है, दिखाई भी देता है। (अपूर्व श्री)

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सम्मान / प्रतिष्ठा

सम्मान/ प्रतिष्ठा की चाहत उतनी ही करनी चाहिए, जितना देने का सामर्थ्य रखते हो। क्योंकि…. जो देते हो उससे ज्यादा वापिस कैसे और क्यों मिलेगा

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समझ

ज़रूरी नहीं की हर व्यक्ति आपको समझ पाए, क्योंकि तराजू केवल वजन बता सकती है, क्वालिटी नहीं। (अनुपम चौधरी)

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मंगल आशीष

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