Category: डायरी
मैं
मैंने देखी, मैं की माया। मैं को खोकर, मैं ही पाया।। (रेनू – नयाबाजार मंदिर)
लोगों के प्रकार
चार प्रकार के लोग…. 1) भाग्यवान… जिनके पास वर्तमान में धन वैभव हो। 2) सौभाग्यशाली… वैभव के साथ स्वास्थ्य भी अच्छा हो। 3) महा-सौभाग्यशाली… धन,
तैयारी
घर से पर-घर जाने के लिए अच्छे कपड़े पहनते हैं। गाँव से पर-गाँव जाने के लिए तैयारी और ज्यादा, धन आदि रखना होता है। देश
भेद-विज्ञान
आचार्य श्री अमृतचंद स्वामी ने कहा है → भेद-विज्ञान मोक्ष/ कल्याण का कारण है और इसका अभाव संसार/ अकल्याण का कारण है। एक महिला ने
सुख / मज़ा / आनंद
शरीर को सुख, मन को मज़ा, आत्मा को आनंद। ब्र. डॉ. नीलेश भैया क्या पाप करने में भी आत्मा को आनंद आयेगा ? आर.के.जैन हाँ,
विस्तार की कैद
एक राजा ने हिरणी के बच्चे का शिकार किया। हिरणी ने श्राप दिया → तेरा बच्चा जब स्वच्छंद घूमने लगे तब वह भी मारा जाये।
आत्मा
शराबी ने नशे में सारे साथियों को भोजन का निमंत्रण दे दिया। सब पीछे-पीछे घर आ गये। पत्नी ने कह दिया –> वे घर में
बालपने के दोष
1. दुखी/ दीनहीन होंगे तो ध्यान आकर्षित होगा। 2. समय से पहले बड़े होने की आकांक्षा; बल/ शरीर तो बढ़ा नहीं सकते सो बौद्धिक ज्ञान
मकर संक्रांति
????आज पतंग नहीं,कर्मों को उड़ाओ। ????किसी की पतंग मत काटो,अपने कर्म काटो। ????ये कैसा मज़ा है जिसमें निरीह पक्षियों का घात हो ? ????किसी से
काल
आचार्य श्री विद्यासागर जी के पास एक व्यक्ति ने कहा –> मैं काल को नहीं मानता ॥ आचार्य श्री –> फिर घड़ी क्यों पहने हो
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