Category: डायरी

दान

बिना कुछ दिये/ किये – रक्त दान – मीठे बोल से रक्त बढ़ना। श्रम दान – पीठ थपथपाने से थकान उतरना। अन्न दान – थाली

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चाहना

शांति की इच्छा मत करो, इच्छाओं को शांत करो। चाह ज़र* से लगी, जी ज़रा हो गया, चाह हरि से लगी, जी हरा हो गया।

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विवेकपूर्ण दया

एक छोटी बच्ची रो रही थी। लेखक के कारण पूछने पर पता लगा कि उसकी गुड़िया खो गयी है। लेखक ने दूसरी गुड़िया खरीद कर

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आसान जीवन

जीवन को आसान बनाने वाली तीन बातें, जो हम बच्चों से सीख सकते हैं…. 1) बेवजह ख़ुश रहना, 2) हर वक्त व्यस्त रहना, 3) मनचाही

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Stop / Continuity

A small dot can stop a big sentence. But a few more dots can give a continuity. Amazing but true ! Every ending can be

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आनंद

कमला बाई जी के 92 वर्षीय पति ने विधान (बड़ी पूजा) पूरा किया। उनसे पूछा…. क्या फल मिला ? आप और बाई जी का शारीरिक

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मायाचारी का फल

दो टोकरी बेचने वाले → लड़‌का चौकोर व लड़की गोल टोकरी बेचते थे। लड़का… अपन बदल कर लेते हैं। अगले दिन लड़के ने कुछ चौकोर

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दृष्टिकोण

अगर आपकी आँखें यह देखने में खोयी रहेंगी कि….. “क्या हो सकता था”, तो वे कभी नहीं देख पायेंगी कि…. “क्या हो सकता है”। अतीत

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रिश्ते

पेड़ पर क्षमता से अधिक फल लग जायें तो शाखायें टूटने लगती हैं। इंसान के पास ज़रूरत से ज्यादा वैभव हो जाये तब वह रिश्ते

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दृष्टि

जब तक आपकी दृष्टि हमारे प्रति सही तब तक ही हम सही……… (अनुपम चौधरी) (तब तक ही आप भी सही) ……………………………………….. 74वें गणतंत्र दिवस की

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मंगल आशीष

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