Category: डायरी
जय हो
भगवान की “जय हो” के नारे क्यों लगाये जाते हैं ? वे तो सब पर विजय प्राप्त कर चुके हैं ! “जय हो” नारा नहीं, जयघोष है…
मोह
मोह की गाँठ को ढ़ीला करने के लिये खींचना (अपनी ओर) बंद कर दो (Neglect करो संबंधों को), ज्यादा खींचने से तो गांठ और Tight
ऊपरी बाधा
ऊपरी बाधा प्राय: गाँवों/गरीबों में देखी जाती है, जेलों में एक भी केस नहीं सुना । क्योंकि इसका संबंध अंधविश्वास/ मनोविज्ञान/ अतृप्त इच्छाओं की पूर्ति
दु:ख में भगवान
भगवान को कभी देखा नहीं फिर भी वे दु:ख में क्यों याद आते हैं ? जिससे जितना पुराना और नज़दीकी रिश्ता होता है, वह उतना
गरीबों को दान
धर्मकार्यों के खर्चे में से कटौती से गरीबों को दान करते हो तो दोनों को दोष, अपने भोग-विलास/पाप क्रियाओं के खर्चे से गरीब को दान
2020 >> 2021
“इक्कीस” (2021) = इक ईस (एक ईश) आचार्य श्री विद्या सागर जी ———————————————– (2) एक में याद है, दूसरे में आस, एक को है तज़ुर्वा,
विज्ञान / आधुनिकता
ये दोनों लुभावने/आकर्षक तो हैं, पर स्थिर और Reality नहीं हैं ।
सूक्ष्म जीवों की रक्षा
सिर्फ़ अनर्थ-दंड* से बचकर ही गृहस्थ एकेंद्रिय जीवों** की रक्षा कर सकते हैं । * बिना (अर्थ)ज़रूरत की क्रियायें । ** पेड़/पौधे, जल/वायु प्रदूषण
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