आसमां में मत ढूंढ अपने सपनों को,
सपनों के लिए ज़मीं भी ज़रूरी है !

सब कुछ मिल जाए तो जीने का मज़ा ही क्या !
जीने के लिये एक कमीं भी ज़रूरी है ।

(सुरेश)

रोटी खाने से अधिक समय रोटी बनाने में लगता है,
रोटी बनाने से अधिक समय रोटी कमाने में लगता है
और
रोटी कमाने से अधिक समय उगाने में लगता है ।
अतः रोटी खुश हो कर खाएं और खा कर शुकराना ज़रूर करें… कमाने वाले का, बनाने वाले का और उगाने वाले का भी ।

(रजत जैन)

कर्म…..
सिर्फ़ मिलाने का काम करता है ।

पुरुषार्थ …..
संम्बधों में नज़दीकियां या दूरियाँ बढ़ाने का काम…..
व्यक्ति स्वयं करता है ।

(अनुपम चौधरी)

मौलिकता का मतलब परम्पराओं को तोड़ना नहीं, केवल लीक से हटकर आगे बढ़ना, अच्छे को अपनाना, बाकी से सुरक्षित दूरी रखना है ।

मुनि श्री प्रमाणसागर जी

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