खोटे भगवान/गुरु पर श्रद्धा करने में कम दोष है,
सच्चे भगवान/गुरु में खोट निकालने से ।

माला में मन इसलिये नहीं लगता क्योंकि सुबह से शाम तक वह चलायमान ही रहता है, वही संस्कार माला के समय रहते हैं ।

समाधान – या तो पूरे समय मन को कम चलायमान रखो या शुभ में लगाये रखो ।

मुनि श्री सुधासागर जी

मंदिर में भगवान की मूर्ति में मूर्तिवान को देखते तो चेहरे पर मुस्कान ना आती !
जैसी प्रियजनों को देखते समय आ जाती है ।

मुनि श्री प्रमाणसागर जी

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April 8, 2022

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