Category: डायरी
स्वतन्त्रता
August 15, 2015
शराब पीकर,जुआ खेल कर मरने की स्वतन्त्रता है, भ्रष्टाचार खुलेआम स्वतन्त्र विचरण कर रहा है, व्यभिचार को भी मौन स्वीकृति प्राप्त है। पर अनादिकाल से
हिम्मत
August 13, 2015
नदी रुकावटों से रुकती नहीं,दिशा बदल लेती है ; समुद्र की दूरी पुछ्ती नहीं,बस चलती रहती है ; और मंज़िल तक पहुँच जाती है ।
नियम / विश्वास
August 12, 2015
‘घडी की सुई’ अपने नियम से चलती है , इसीलिये सब उसका ‘विश्वास’ करते हैं ! आप भी अपने नियम से चलिये, लोग आपका भी
Planning
August 11, 2015
We see our present & plan our future. God sees our future & plans our present. (Parul-Delhi)
स्वभाव
August 10, 2015
ज़िन्दगी में खुद को कभी किसी इंसान का आदी मत बनाना… क्यूंकि, इंसान बहुत खुदगर्ज़ है… जब आपको पसंद करता है , आपकी बुराई भूल
हिम्मत
August 8, 2015
मंज़िलें चाहे कितनी भी ऊँची हों, रास्ते कदमों के नीचे ही होते हैं । (दिव्या-लंदन)
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