Category: डायरी

फूल

चार प्रकार के फूल होते हैं… 1) सुंदर और *खुशबूदार । 2) सुंदर पर खुशबू नहीं । 3) सुंदर तो नहीं पर खुशबूदार । 4)

Read More »

राग-द्वेष

राग —> न रहे* तो रहा न जाए। द्वेष —> रहे** तो रहा न जाए। सारे युद्ध राग की वजह से ही हुए हैं। रावण

Read More »

भगवान / हम

भगवान और हमारे रंगों में फ़र्क नहीं –> वे भी काले, हम भी। फ़र्क सिर्फ़ इतना है –> वे ऊपर से काले हैं (पार्श्वनाथ आदि),

Read More »

मतलबी संसार

एक व्यक्ति 30 तारीख को बहुत रो रहा था। कारण ? आज के ही दिन 10 साल पहले मेरे ताऊ जी मरे थे, मुझे एक

Read More »

आत्मा

आत्मा में ज्ञान तो सबके है। पर महत्वपूर्ण है… क्या आपके ज्ञान में आत्मा है ? आर्यिका श्री पूर्णमति माता जी(25 सितम्बर)

Read More »

अंतिम

देखते-देखते ही वर्ष का आरी महीना दिसंबर आ गया। ऐसे ही देखते-देखते अपने जीवन का अंतिम क्षण आ जाएगा। जैसे साल भर का लेखा-जोखा आखिरी

Read More »

मोह

माँ अपने नालायक बच्चे को ताने मारती है… देख ! पड़ोसी का बच्चा कितना लायक है। पर जब कुछ देने की बात आती है तो

Read More »

लोगों के प्रकार

दो प्रकार के लोग बंधनीय –> जो बंध को पा रहे हैं जैसे कैदी, बलात सीमा में रखते हैं ताकि अमर्यादित न होने पायें। वंदनीय

Read More »

सीख

इंसान हमेशा तकलीफ में ही सीखता है। खुशी में तो पुराने सबक भी भूल जाता है। (रेनू जैन – नया बजार, ग्वालियर)

Read More »

चारित्र

चारित्र पर किताब बनाना और चारित्र को किताब बनाना – दो अलग बातें हैं। साधु दूसरी पर काम करता है और श्रावक पहली पर। मुनि

Read More »

मंगल आशीष

Archives

Archives
Recent Comments

December 6, 2024

May 2026
M T W T F S S
 123
45678910
11121314151617
18192021222324
25262728293031