Category: डायरी
दर्शन
August 25, 2024
दर्शन की पैदाइश* से दुःख। दर्शन-शुद्धि सो जीवन शुद्धि। ब्र. डॉ. नीलेश भैया * देखने के भाव
संघर्ष / संस्कार
August 20, 2024
यदि बड़े होकर संस्कारित नहीं रहे तो बदनाम कौन होगा ? हमारी माँ।
अहिंसा
August 19, 2024
बलि के पक्ष में कुतर्क… उस जानवर को तो मरना ही था। यहाँ मेरे हाथों मर गया ! मारने में तुम क्यों निमित्त बनो ?
दिल / दिमाग
August 16, 2024
सर्विस करते समय दिल और दिमाग में कई बार संघर्ष होता है क्या करें ? रेणु जैन-कुलपति प्रशासनिक निर्णय लेते समय दिमाग से काम करें,
सोच
August 8, 2024
विचार ऐसे रखो कि तुम्हारे विचारों पर भी विचार करना पड़े। समुद्र जैसे बड़े बनने से क्या, तालाब जैसे छोटे बनो जहाँ शेर भी पानी
कर्म
August 7, 2024
यहाँ न बादशाह चलता है, ना ही इक्का चलता है। खेल है कर्मों का, यहाँ कर्मों का सिक्का चलता है। (रेनू-नयाबाजार)
बदनाम
July 30, 2024
एक बुजुर्ग को गाली देने की आदत थी। इसी अवगुण से वे जाने जाते थे। उनके बच्चों को चिंता हुई। पिता की बदनामी को मिटाने
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