Category: डायरी

उदारता

वनस्पति दो प्रकार की → 1. जो अपने फल खुले में रखते हैं/ पकने पर दूसरों के लिये गिराते रहते हैं जैसे आम, अमरूद। इन

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मानसिक बल

आर्यिका श्री ज्ञानमति माताजी ने अपनी पुस्तक की टीका लिखने के लिये एक पंडित जी से कहा। उन्होंने असमर्थता का कारण बताया… पहले मैं युवा

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Impact

“If you think you are too small to make a difference, you haven’t spent the night with a mosquito.” (J. L. Jain) Small size does

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स्वर्ग / नरक

गुफा ने सूर्य को दुखड़ा रोया… हर जगह/ हर समय अंधकार ही अंधकार क्यों है ? सूर्य देखने आया पर गुफा का हर कोना/ हर

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दुआ

जब ठोकर खा कर भी ना गिरो तो समझ लेना कि दुआओं ने थाम रखा है। (डॉ.संजय जैन)

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सुकून

सुकून की तलाश तो सबको है, जिसे तलाश नहीं वो सुकून से है। (सुरेश)

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भगवान से प्रार्थना

पूरा जीवन भगवान से प्रार्थना करते रहे…. (शांति दो – शांति दो) शांति मिली ? नहीं। मिलती तब जब भगवान ने अशांति दी होती। अशांति

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कर्ता / भाग्य

आदमी की कमाई में परिवारजनों/ सेवकों का भाग्य भी होता है। कमाने वाला व अन्य सब अपने-अपने भाग्य के अनुसार खाते/ पहनते/ भोगते हैं। (सुरेश)

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Religion

Religion is the clearest telescope through which we can behold the beauties of creation. William Scott Downey

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त्याग / लोभ

एक लोभी सेठ ने साधु की झोली में एक रुपया डाला। शाम को उसकी तिजोरी में एक हीरा बन गया| अगले दिन सेठ ने झोली

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मंगल आशीष

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