Category: डायरी

शाश्वत सत्य

मुसीबत में ये मत सोचो ..कि कौन- कौन काम आएगा ? बल्कि ये सोचो कि कौन-कौन छोड़ के जायेगा ?? (अरविंद)

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रहन-सहन

जिसे “सहना” आता है ,उसे ही “रहना” आता है । “रहन-सहन” शब्द इसी आशय से बना होगा ।

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एहसान

जरा तमीज़ से बटोरना, बुझे दियों को दोस्तों ! इन्होंने …दीवाली की अन्धेरी रात में हमें रोशनी दी थी……। किसी और को जलाकर खुश होना

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जल

जिंदगी है जल की तरह, इसे फालतू में बहाकर बर्बाद मत होने दो । जल है जिंदगी, इसे फालतू में बहाकर बर्बाद मत होने दो

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Get what you try

Sea is Common for all. Some take Pearls, some take Fishes & some come out with just Wet Legs. World is common to all but

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सत्य

दुनिया में लोग सत्य के लिये नहीं लड़ते , मेरी बात सत्य है, इसके लिए लड़ते हैं , पर जो सत्य को पा जाते हैं

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आशा

चार मोमबत्तियां जल रही थीं पहली मोमबत्ती बोली, ” मैं शांति हूँ , पर मुझे लगता है अब इस दुनिया को मेरी ज़रुरत नहीं है

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मंगल आशीष

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