Category: डायरी

सम्बंध

जिस धागे की गांठ खुल सकती हो, उस पर कैंची मत चलाओ. (नेहा)

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सीख

काँच को शीशा बनाने के लिये उसके पीछे पारा चढ़ाया जाता है। इसीलिए शीशा दिखाने पर लोगों का पारा चढ़ जाता है। (अरविंद)

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Welfare

The spaces between your fingers were created so that others could fill them in.

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धर्मात्मा

जो संसारी वस्तुओं का त्यागी हो, वह धर्मात्मा हो भी सकता और ना भी हो, पर जिसने संसारी व्यक्तियों को स्वीकार कर लिया हो, वह

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आँसू

जो दूसरों की आँखों को आँसू देते हैं, वे क्यों भूल जाते हैं कि उनके पास भी दो आँखें हैं। (अरविंद)

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निमंत्रण

कृष्ण ने दुर्योधन का भोजन का निमंत्रण स्वीकार न करके, विदुर का स्वीकारा। कारण बताते हुए उन्होंने कहा- निमंत्रण स्वीकार करने के 3 कारण होते

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Friend / Family

Last 3 letters in “Friend” are – “END” , in “Family” – “ILY” (I Love You). Both the words start with “F” (Familiar), but ends

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रक्षाबंधन

सभी बहनों से विनम्र निवेदन – इस राखी पर जब आपका भाई आपसे पूछे की क्या उपहार चाहिए तो उससे कहिये कि वह दूसरों की

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मंगल आशीष

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