Category: डायरी
कर्म
July 24, 2015
हीरों से जड़ा सोने का आभूषण, हीरे का कहलाता है। सोने जैसी काया में, शुभ/धार्मिक कर्म रूपी हीरा जड़ जाने से, उसमें निखार आजाता है / उसका महत्व
क्रोध
July 23, 2015
बर्फ से पूछा – आप हमेशा ठंडी क्यों रहती हो ? बर्फ – मैं बड़ी महनत करके पानी से बनी , गरम हुई तो फिर
Continuity
July 22, 2015
Be like a postage stamp. Stick to one thing until you get there. (धर्म में इसे अमूढ-द्रष्टि कहते हैं)
वैभव
July 21, 2015
तजुर्बा है मेरा… मिट्टी की पकड़ मजबूत होती है, संगमरमर पर तो पैर फिसलते देखा है मैंने । (नितिन)
अंतरंग
July 20, 2015
गुब्बारा ऊपर उठते उठते संदेश देता है… “वो जो बाहर है वह नहीं, भीतर वाला ही ऊपर ले जाता है” (अंजना)
परोपकार
July 17, 2015
वृक्ष की छाया उसे (वृक्ष) कभी भी प्राप्त नहीं होती, पर वृक्ष की छाया के बिना पृथ्वी जल नहीं जायेगी ? और जब पृथ्वी जलेगी
स्थिति का परिणाम
July 15, 2015
किसी भी स्थिति का अंत तो उसके प्रारंभ में ही तय हो जाता है । महाभारत
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