Category: डायरी

सुख / दु:ख

सुख/ दु:ख एक ही बगिया के पौधे हैं। इन्हें लगाने/ सींचने/ संवारने/ बढ़ाने वाले माली हम खुद ही हैं। (सुरेश)

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जिम्मेदारी

जिम्मेदारी दुनिया का सबसे बहतरीन टॉनिक है। एक बार पी लो जिंदगी भर थकने नहीं देती है। (अरविन्द बड़जात्या)

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संस्कार

संस्कार तो ‘Groove’ जैसे होते हैं, उसी में से प्रवाह होता रहता है। यदि इससे आत्मा पतित/ दुखी हो रही हो तो उसके Side में

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अध्यात्म

आज Car की कीमत बहुत है, कल को गैराज की कीमत कार से ज्यादा हो जायेगी। पर इन दोनों से ज्यादा कीमती है थी/ है

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इज़्ज़त

(एकता- पुणे) ( यदि सहायता करने वाले की खुद की स्थिति भी खराब हो तो दुगनी इज़्ज़त कीजिए)

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रक्षण / पालन

व्रती अपने व्रतों का रक्षण व पालन वैसे ही करते हैं जैसे माता-पिता अपने बच्चों का पालन (आगे बढ़ाने) तथा रक्षण (सही भोजन,पढ़ाई आदि)। बच्चे

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Ideal Acts

Make a mind which never minds. Make a heart which never hurts. Make a touch which never pains. Make a relation which never ends. (J.L.Jain)

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मंगल आशीष

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