Category: वचनामृत – अन्य
धर्म
धर्म का सहारा लेकर हम मृत्यु से तो नहीं बच सकते, हाँ ! मृत्यु के भय से जरूर बच सकते हैं । मुनि श्री प्रमाणसागर जी
पर्वराज की विदाई/वात्सल्य
पर्वराज हमें उजाला देकर कल चले गये । अब हमारा कर्तव्य है कि उस दीपक में लगातार तेल ड़ालते रहें, लौ/बत्ती को संभालते रहें ताकि
उत्तम ब्रम्हचर्य धर्म
जनसंख्या की वृद्धि रोकने के लिये परिवार नियोजन की जरूरत नहीं, पाप के नियोजन की जरूरत है । वासना ही है जो उपासना और आत्मा की
उत्तम आकिंचन धर्म
ग्रह उनको ही लगते हैं, जिन पर परिग्रह होती है । तन के अनुरूप ही मन का नग्न होना, आकिंचन है । तुम्बी तैरती, तैराती औरों
उत्तम त्याग धर्म
आप आम को खाने से पहले उसे दबा दबा कर ढ़ीला करते हैं, फिर उसके ऊपर से टोपी (ड़ंठल) हटाते हैं, खाने से पहले चैंप
उत्तम तप धर्म
तप प्रकाशन के लिये नहीं ,प्रकाशित करने के लिये होना चाहिये, आत्मा को प्रकाशित करने के लिये । मोक्ष साधन वाले नहीं जाते ,साधना वाले
उत्तम संयम धर्म
पुराने समय में पहले दीक्षा काल होता था तब शिक्षा काल, इसी प्रकार भगवान के कल्याणकों में पहले दीक्षा कल्याणक फिर ज्ञानकल्याणक होता है ।
उत्तम सत्य धर्म
सत्य कभी कड़ुवा होता ही नहीं, बड़ी अजीब बात है !! अभी तक तो हम सुनते आ रहे हैं कि सत्य कड़ुवा होता है । जब
उत्तम शौच धर्म
उत्तम शौच यानि लोभ समाप्त होने पर जो पवित्रता प्राप्त होती है । उत्तम सोच वाले को ही उत्तम शौच प्राप्त होती है । लाभ पर तो
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