Category: डायरी
संलेखना बोध
आप अपनी अंतिम यात्रा की तय्यारी कर रहे हैं ! आप लोग मेरे शरीर की अंतिम यात्रा की ओर देख रहे हैं; मैं संसार की
भगवान से मांगना
ज्यादातर चीजें समीप जाने पर बगैर मांगे मिल जाती हैं… जैसे *बर्फ* के पास *शीतलता* , *अग्नि* के पास *गरमाहट* और *गुलाब* के पास *सुगंध*
Belief
If you don’t believe in yourself, then how can you expect others to believe you ?
चित्त / मन
चित्त अचेतन, मन चेतन । हालाँकि धर्म में इनको अलग अलग नहीं माना है । (कृपया comments भी देखें)
धागा / मोती
माला में धागा, मोती से ज्यादा महत्व रखता है, पर उसमें गठानें नहीं होना चाहिये वरना मोतीयों में बिंध नहीं पायेगा/ उनको बांधकर नहीं रख
समर्पण
समर्पण यानि इच्छाओं का अर्पण । समर्पण से नदी सागर बन जाती है । संसार में समर्पण उसे करें जो विश्वासघात ना करे, वह भी
Kind Words
Kind Words are short and soft, but their echoes are endless
नसीब
ज़रूर कोई तो लिखता होगा… कागज़ और पत्थर का भी नसीब… वरना ये मुमकिन नहीं कि… कोई पत्थर ठोकर खाये और कोई पत्थर भगवान बन
धर्म / कर्म
धर्म आत्मा का स्वभाव है, कर्म किये का फल । दोनों को अलग अलग रखें । धर्म तो मंगलाचरण हैं – कार्य करने से पहले,
दिल और दिमाग
अक्सर हार जाता हूँ… उन लोगों से…… जिनके, दिल में भी दिमाग होता है । ????(अरविंद)????
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