Category: डायरी
प्रसिद्ध / सिद्ध
June 12, 2019
लोगों से जुड कर प्रसिद्ध हो सकते हैं परन्तु स्वयं से जुड़कर ही सिद्ध हुआ जा सकता है । (सुरेश)
Virtues
June 11, 2019
Virtues are like riding a bike. Either you keep moving or you fall down.
मुक्ति
June 10, 2019
पांच पहर धंधा किआ, तीन पहर* गये सोय, एकौ घड़ी ना हरि भजे, मुक्ति कहाँ से होए ! पहर = 3 घंटे (नरेश सैनी)
दोस्त
June 9, 2019
हाथ क्या मिलाया कुछ दोस्तों से, कमबख़्त! दुःख की लकीरें ही मिटा गए..! (मंजू)
Present
June 4, 2019
वर्तमान को “Present ” क्यों कहते हैं ? क्योंकि Every day is a gift.
श्रेष्ठ
June 2, 2019
श्रेष्ठ – जो श्रेष्ठ कार्य करता है, परम श्रेष्ठ – जिसका नाम (गुरु/भगवान) लेने से कार्य श्रेष्ठ हो जाते हैं ।
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