Category: डायरी
तर्क
November 3, 2018
भगवान दिखता है ? उसे छू सकते हो ? नहीं तो मानते क्यों हो ? Sense दिखते हैं ? छू सकते हो ? तो क्या
जीवन
November 1, 2018
बालावस्था – ज्ञानार्जन, युवावस्था – धनार्जन, वृद्धावस्था – पुण्यार्जन
धर्म
October 28, 2018
करने योग्य क्रियायें करना ही धर्म नहीं, उससे भी ज्यादा महत्वपूर्ण है, अकार्य को ना करना ।
भाग्य / पुरुषार्थ
October 27, 2018
भगवान के भरोसे क्यों बैठे रहते हो ! क्या पता भगवान आपके भरोसे बैठा हो । (प्रांजल)
विकार
October 25, 2018
विकारी मृत व्यक्ति को भी सब कंधे पर उठा कर क्यों ले जाते हैं? क्योंकि मृत्यु के बाद विकार समाप्त हो जाते हैं।
आत्मा / शरीर / भोजन
October 21, 2018
भोजन ना आत्मा करती है, ना शरीर । भोजन तो शरीर और आत्मा के बीच का Agreement है, साथ रहने का ।
धर्मात्मा
October 20, 2018
जो देश/ समाज/ परिवार/ शरीर की बाधाओं के रहते हुये भी धर्म करने की राह निकाल ही ले , कृत से ना कर सके तो
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