Category: डायरी

आचरण

जोकर अपने आपको कलाकार मानता है, पर दुनिया जोकर ! ऐसा क्यों ? क्योंकि उसका आचरण जोकर जैसा है । इसीलिये दुनिया को हंसाता है/दुनिया

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अह्म

अ= नहीं, हम जिसमें अपने को भूल जाय, उसे अह्म कहते हैं याने वह्म में रहना ।

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संगठन

बुराईयों में आकर्षण होता है, बुरे लोगों के अचेतन मन में भय रहता है, इसलिये वे संगठित रहते हैं । अच्छों में प्राय: घमंड़ आ

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भाग्य / पुरुषार्थ

लॉकर की दो चाबियाँ हैं, अमूल्य निधी दोनों के लगने पर ही मिलेगी । पुरुषार्थ की चाबी हमारे पास है, भाग्य की मैनेजर के पास

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संसार और वैराग्य

संसार में असंतुष्ट प्राणी वैराग्य लेने के बाद भी उन चीजों को पाने में लग जायेगा, जिनकी कमी वह संसार में अनुभव करता था ।

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उपकार

जलेबी सिर्फ़ मीठी ही नहीं, एक महत्वपूर्ण संदेश भी देती है। खुद कितने भी उलझे रहो, पर दूसरों को हमेशा मिठास दो । (नितिन-देहली)

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Enemy

You have ENEMIES ? Good, That means you’ve stood up for something, sometime in your life. ☆☆☆☆☆☆☆☆☆☆☆☆☆☆☆☆☆☆ लेटे हुए बच्चे का तो डाकू भी दुश्मन

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मंगल आशीष

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