Category: डायरी
संसार
5 छिद्रों वाले घड़े को कैसे भरेंगे ? गुरु ने मुस्कान के साथ उत्तर दिया -पानी में ही डूबा रहने दो ;भरा ही रहेगा !
वैराग्य
यह सत्य पाने से नहीं, असत्य को पहचानने से होता है । सत्य तो आत्मानुभूति (केवलज्ञान) होने पर प्राप्त होता है ।
प्रार्थना / विनय
प्रार्थना – गुणों का गान, विनय – गुणों का बहुमान/अपने में लेने के भाव ।
ऊँचाइयाँ
कद बढ़ा नहीं करते , ऐड़ियां उठाने से, ऊँचाइयाँ तो मिलती हैं, सर झुकाने से ! (सुरेश)
सुखी होने की विधि
कर्मशक्ति और पुण्यशक्ति के अनुरूप जो इच्छाशक्ति रखते हैं, वे ही सुखी रहते हैं । (सुरेश)
होली
पल पल *रंग* बदलती दुनिया… और लोग पूछते हैं…. *होली* कब है…???? (एस.एम.जैन)
मर्यादा
सीताजी ने अपने सतीत्व का हवाला देकर अग्नि परीक्षा में अग्नि को शांत कर दिया, पर जब रावण उनके सतित्व को खंड़न करने के लिये
संसार / परमार्थ
संसार में पुण्य का महत्त्व ज़्यादा है, प्रमादी को भी लाभ होता है, परमार्थ में प्रमादी की प्रगति नहीं । रत्नत्रय – 3
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