Category: डायरी
प्रायश्चित
November 28, 2017
दोषों में छेद कर देना । बीमारी में कड़वी दवा दंड़ नहीं होती, ऐसे ही प्रायश्चित , बीमारी अच्छी करने की विधि है ।
निर्णय
November 26, 2017
आग्रह, आशंका, आवेश और आसक्ति में लिये गये निर्णय सही नहीं होते ।
उपयोग
November 25, 2017
आटे से रोटी बनाना – उपयोग, खुद और दूसरों को खिलाना – सदुपयोग, बिगाड़ना – दुरुपयोग
सत्य-दर्शन
November 24, 2017
बेहोशी में भी कुछ सत्य दिख सकता है पर गलत मान्यता वाले को/मोहित को सत्य भी असत्य दिखता है ।
कर्म / पूजा
November 23, 2017
हर कर्म पूजा नहीं होती । जो खटकर्म/दुष्कर्म से हटकर सत्कर्म किया जाता है, वह पूजा होती है ।
किस्मत / महनत
November 22, 2017
यूँ ही नहीं होतीं हाथ की लकीरों के आगे उँगलियाँ, रब़ ने भी किस्मत से पहले महनत लिखी है ।
शरीर और आत्मा
November 21, 2017
नौ द्वारन का पींजरा, तामै पंक्षी मौन ! रहत अचम्भा जानिये, जावत अचरज कौन !!
ज़िंदगी
November 20, 2017
ज़िंदगी पर ड़ाल दी जिसने हकीकत की नज़र, ज़िंदगी उसकी बेहकीकत हो गयी ।
Recent Comments