Category: डायरी

गुण / अवगुण

गुण का सत्कार करें, अवगुण को परिष्कृत करें । दु:खों को स्वीकारें, दोषों का प्रतिकार करें ।

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भक्ति

भूखे को भोजन, थोड़ी देर को साता देता है, पर उपवास का महत्त्व समझा दो, तो हमेशा के लिये पीड़ा हर जाती है । भगवान

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गुरु-आज्ञा

शिष्य उपवास करना चाहता है, गुरु ने आज्ञा नहीं दी, तो पुण्य उपवास में ज़्यादा या आहार करने में ? गुरु-आज्ञा में ज़्यादा पुण्य है

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सरलता

सरलता याने लचीला, मृदुता, निश्छलता । वे अड़ते नहीं, सो लड़ते नहीं ।

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सात्विकता

मन, वचन, काय में सादगी/शुद्धता/दिखावा नहीं । खाने, पीने, पहनावे में सात्विकता ज़रूरी ।

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विश्वास / अंधविश्वास

विश्वास : आदर्श पर विश्वास करके अपना कल्याण कर लेने का विश्वास, अंधविश्वास : आदर्श ही मेरा कल्याण कर देगा ।

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भक्ति

भगवान की वंदना करते हुए सब पक्षी नृत्य करने लगे, पर मोर ने अपने प्रिय पंखों का विसर्जन किया । पंख यानि पक्ष यानि अहंकार का

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विषय-भोग

समुद्र में नहाने का सुख विषय-भोग का सुख है – जब तक नहाये आनंद, बाद में खुजली, मीठे जल से नहाना होता है ।

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मंगल आशीष

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