Category: डायरी
ख़ुश रहना / रखना
यदि हर कोई आप से ख़ुश है, तो ये निश्चित है कि आपने जीवन में बहुत से समझौते किये हैं …. और यदि आप सबसे ख़ुश
Change
We can not become what we want to, by remaining what we are. (Suresh)
धन / धर्म
धन की रक्षा करनी पड़ती है, धर्म हमारी रक्षा करता है । धन के लिए पाप करना पड़ता है, धर्म में पाप का त्याग होता
दुआ
किसी ने ख़ुदा से मौत माँगी ! खुदा ने कहा… मौत तो तुझे दे दूँ, मगर उससे क्या कहूँ !! जिसने तेरी ज़िंदगी की दुआ
राग / त्याग / वैराग्य
जो वस्तु को जला दे, उसे आग कहते हैं । जो जीवन को जला दे, उसे राग कहते हैं । जो जीवन को उठा दे,
ज़िंदगी
कंडक्टर सी हो गयी है ज़िंदगी, जाना भी रोज़ का है और जाना कहाँ मालूम नहीं ! थक गया हूँ तेरी नौकरी से ऐ ज़िंदगी,
जीवन
गोपालदास नीरज जी की एक रचना…… छिप-छिप अश्रु बहाने वालों! मोती व्यर्थ लुटाने वालों! कुछ सपनों के मर जाने से जीवन नहीं मरा करता है।
माहौल का प्रभाव
विभीषण, रावण के साथ रहकर भी नहीं बिगड़े ! केकैई, राम के साथ रहकर भी नहीं सुधरी !! (तनेजा जी) (ज़रूरी नहीं कि संगति का
अकेलापन / एकांत
“अकेलापन” इस संसार में सबसे बड़ी सज़ा है ! और “एकांत” सबसे बड़ा वरदान !! “अकेलेपन” में छटपटाहट है, घबराहट है; तो “एकांत”में आराम, शांति
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