Category: डायरी
Learning
If you can learn from hard knocks, why you can’t learn from soft touches !
सुख
सुख प्राप्त करने की वस्तु नहीं, सुख वस्तु में है ही नही । यह तो पहचानने की चीज है । महाभारत
आदत
आदतें यदि समय रहते नहीं सुधारीं तो वे जरूरतें बन जाती हैं । ब्र. नीलेश भैया
छोटा / बड़ा
झरने से पूछा समुद्र जितने बड़े क्यों नहीं बन जाते ? झरना – मैं बड़ा होकर खारा नहीं बनना चाहता । (अरुणा)
Serving Persons
Quote on 1st page of Preventive Medicine- I keep six honest serving persons, they taught me all I know. Their names are- What Why When
रिश्ता वही, सोच नयी
बहन से पूछा – भाई कैसा चाहिए ? रावण जैसा क्यों ? उसने अपनी बहन के लिये अपना राज्य दाँव पर लगा दिया । (शुची)
मन
शरीर पूरा पवित्र नहीं हो सकता, फिर भी हम उसे पवित्र करने में लगे रहते हैं। मन पवित्र हो सकता है, पर उसकी ओर हमारा
कृतज्ञता
पाँव सूखे पत्तों पर, अदब से रखना, धूप में माँगी थी तुमने पनाह इनसे कभी। (डा.मनीष)
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