Category: डायरी
जन्म और उद्देश्य
May 8, 2015
हीरे का जन्म तो पत्थर की खदान में होता है, पर सजता है राजा के मुकुट में ।
Rise
May 7, 2015
No one can rise suddenly, not even the Sun; so start slowly but DAILY. (Manju) But fall can be sudden, so DAILY take support of
मोक्ष
May 6, 2015
मोक्ष का मार्ग तो बिलकुल सीधा है, इसीलिए टेड़ी चाल वाले इस मार्ग पर नहीं चल पाते । (दिव्या-लंदन)
दौलत
May 4, 2015
डोर लम्बी होने का मतलब यह नहीं कि पतंग ऊपर जायेगी ही, उड़ाने का तरीका आना चाहिए । दौलत ज्यादा का मतलब सफलता नहीं, जीने
किरदार
May 3, 2015
कद्र तो किरदार की होती है, वरना…. कद में तो साया भी इंसान से बढ़ा होता है । (तुषार)
निंदा
April 29, 2015
निंदा तो उसी की होती है, जो जिंदा है, मरे हुए की तो बस तारीफ ही होती है। (दिव्या-लंदन)
ख़ुदा
April 25, 2015
यदि ख़ुदा नहीं है, तो उसका ज़िक्र क्यों ? और अगर ख़ुदा है, तो फ़िक्र क्यों ?? (श्री अरविंद)
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