Category: डायरी

परिग्रह

मछली घोंघे को ग्रहण करती है तो मछली समाप्त हो जाती है*, लोहा जंग को ग्रहण करता है तो लोहा समाप्त। मनुष्य परिग्रह को ग्रहण

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Artificial intelligence

रामायण में बताया… लक्ष्मण 14 साल तक आँख खोल कर सो लेते थे यानी कोई भी मूवमेंट हुआ तो उसे डिटेक्ट कर लेते थे। यह

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भाव

जब तक गुरुओं के पास या मंदिर में रहते हैं, तब तक भावों में बड़ी विशुद्धता रहती है। जैसे ही बाहर आते हैं, विशुद्धता समाप्त

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बड़े / छोटे

कोयल आम के पेड़ के ऊपर बैठी गाते-गाते सो गयी। उसे देख एक खरगोश भी पेड़ की छाँव में सो गया। लोमड़ी आयी खरगोश को

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आभास / सत्

एक प्रसिद्ध किताब Appearance and Reality by F. H. Bradley में कहा है कि आभास ( आ = आना + भास = चमक/ मिथ्या) और

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नकली बुद्धि

आज आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को सब ने स्वीकार कर लिया है। यह वैसा ही है जैसे कालिदास जिस डाल पर बैठे थे उसी को काट रहे

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जन्म मरण का दु:ख

जब दु:ख जन्म में ही होता है, मरण में नहीं तो ऐसा क्यों कहा जाता है की जन्म-मरण में बहुत दु:ख होता है? योगेंद्र जन्म-मरण

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शुद्ध भोजन

भोजन तो बाह्य क्रिया है तो शुद्ध भोजन को इतना महत्व क्यों दिया जाता है ? हमको तो अंतरंग मन को शुद्ध करना चाहिए ?

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दिगम्बरत्व

एक सिपाही ने मुझसे पूछा आपका यह दिगम्बर रूप समाज को क्या मैसेज देता है ? दिगम्बरत्व, कम अर्थ में काम चलाने का अर्थशास्त्र है।

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मंगल आशीष

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